Amazon ने पेश की ‘Project Zero’ सर्विस, अब नकली ब्रांड को दिखेगा बाहर का रास्ता

अपने ग्राहकों को बढ़िया सर्विस देने के लिए Amazon ने अपना एक नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया है, कंपनी ने इसका  नाम ‘Project Zero’ रखा  है. कंपनी के मुताबिक इस Project Zero के तहत एक एडिशनल प्रोऐक्टिव मैकेनिज़म और पावरफुल टूल को अपनाया जाएगा जिससे नकली लोगों को इस अमेज़न के प्लेटफॉर्म से हटाने में मदद मिलेगी.

यूरोप, जापान और यूएस में करीब 7,000 ब्रैंड्स ने इस प्रोजेक्ट के तहत एनरोल करा दिया है. भारत की भी काफी कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया. इस मौके पर अमेज़न के वर्ल्डवाइड कस्टमर ट्रस्ट एंड पार्टनर सपोर्ट वाइस प्रेसीडेंट धर्मेश एम मेहता ने बताया इस लॉन्च के साथ ही भारत में हम लोग काफी ब्रैंड्स को देखकर उत्साहित हैं. इसमें छोटे, मीडियम और बड़े स्तर के मल्टी नेशनल ब्रैंड्स जुड़े हुए हैं ताकि नकली लोगों को हटाया जा सके.

‘Project Zero’ अमेज़न की एडवॉन्स्ड टेक्नॉलजी और इनोवेशन से जुड़ती है. इस्कीम मदद से ब्रैंड्स के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कौन असली है और कौन नकली है. इसके लिए तीन तरह के टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें ऑटोमेटेड प्रोजेक्शन्स, सेल्फ सर्विस काउंटरफीट रिमूवल टूल और प्रोडक्ट सीरियलाइज़ेशन शामिल हैं.

कंपनी के मुताबिक ‘Project Zero’पर काफी लंबे समय से काम किया जा रहा है. ताकि ग्राहकों को अमेज़न पर शॉपिंग करते वक्त विश्वसनीय चीज़ें मिल सकें. प्रोडक्ट सीरियलाइज़ेशन में एक यूनीक कोड दिया जाता है जो कि कोई भी ब्रांड अपने मैन्यूफैक्चरिंग और पैकेजिंग प्रोसेस में अपनाता है. इसे स्कैन करके अमेज़न व्यक्तिगत तौर पर प्रोडक्ट की विश्वसनीयता को चेक करता है.