आपके स्मार्टफोन को बर्बाद कर देगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड यह वायरस

आजकल स्मार्टफोंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर काफी चलन में है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड डिवाइस आपके पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम कर सकता है। लेकिन, यह फायदेमंद फीचर लगता है लेकिन अब नुकसान भी सामने आ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन दिनों हैकर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल मैलवेयर यानी की वायरस बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बनाए गए मैलवेयर इतने खतरनाक हो सकते हैं जो किसी भी साइबर सिक्युरिटी को काफी बर्बाद कर सकते हैं। क्योकिं हैकर्स इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड मैलवेयर का इस्तेमाल कम्प्युटर नेटवर्क या साइबर अटैक करने में कर सकते हैं। आईबीएम के रिसर्चर्स ने ऐसे ही खतरे के बारे में आगाह किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड इस मैलवेयर का नाम डीप लॉकर दिया गया है जो एक अटैक टूल है।

यह डीप लॉकर टूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर जैसे कि फेशियल रिकॉग्निसन और वॉयस रिकॉग्निशन का इस्तेमाल करते हैं,  और ऐसे में इसे पकड़ पाना सिक्युरिटी एक्सपर्ट के लिए काफी सिर दर्द होगा। ऐसे में हैकर्स इसका फायदा उठाकर सीधे टार्गेट को अटैक करता है।

गूगल प्ले स्टोर और iOS के एप्पल स्टोर पर ऐसे लाखों वीडियो कांफ्रेंसिंग ऐप है, जिसे लॉन्च करते ही इसमें छिपा हुआ आर्टिफिशियल इंटेलिजेस बेस्ड मैलवेयर यूजर्स के तस्वीर को कैद करके सिस्टम पर अटैक करता है।